चीन का तगड़ा विरोध: भारतीय रेलवे ने रद्द किया 471 करोड़ का करार

चीन की घटिया हरकत के बाद सारा देश चाईना व चीनी सामान के विरोध में उतर आया हैं. भारतीय रेलवे ने भी चीनी कंपनी को दिया सिग्नलिंग और टेलीकम्युनिकेशन का 471 करोड़ का करार रद्द कर दिया है. बता दें कि भारतीय रेलवे ने चीनी कंपनी बीजिंग नेशनल रेलवे रिसर्च एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट ऑफ सिग्नल एंड कम्युनिकेशन ग्रुप को 2016 में यह 471 करोड़ रुपए का कॉन्ट्रैक्ट दिया था. जोकी अब रद्द कर दिया गया हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक चीन की कंपनी को दिए गये 471 करोड़ के इस कॉन्ट्रैक्ट में कम्पनी को Eastern Dedicated Freight Corridor के 417 Km लंबे कानपुर और मुगलसराय सेक्शन में सिग्नलिंग और टेलीकम्युनिकेशन का काम करना था. भारतीय रेलवे का कहना हैं कि इस काम में चीनी कंपनी की रफ्तार बहुत ज्यादा धीमी है. रेलवे के अनुसार चीनी कंपनी को यह काम 2019 में पूरा करना था, लेकिन अभी तक कम्पनी नें केवल 20% काम ही पूरा किया है.

भारतीय बाजारों में चाईना का कब्जा ?

  • रिपोर्ट के अनुसार भारत के 90% खिलौने चीन से आते हैं.
  • भारत के स्मार्टफोन बाजार में चीन का 72% कब्जा हैं.
  • भारत के टेलिविजन बाजार की बात करें तो 45% सामान चीनी हैं.
  • भारत के टेलीकोम सेक्टर का 25% सामान चीनी हैं.
  • भारत में सोलर पावर से जुड़ी 90% चीजें चीन से आती हैं.
  • ओर तो ओर भारत में 60% दवाएँ तक चीन से निर्यात की जाती हैं.
  • जिन मूर्तियों की हम दिन-रात पूजा करते हैं वो 75% मूर्तियाँ चीन से ही आती हैं.
  • हमारे फ़ोन में इस्तेमाल होने वाले 66% मोबाइल ऐप्लिकेशन चीन की हैं.
  • ऑटो-मोबाइल सेक्टर में 26% कल-पुर्ज़े चीन से निर्यात किए जाते हैं.
  • घर में इस्तेमाल किए जाने वाले होम-एप्लायसेज का 12% चीन से निर्यात किया जाता हैं.

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