विदेश मे लाखों की नौकरी छोड़ – बन गया IAS आसफर
विदेश मे लाखों की नौकरी छोड़ –  बन गया IAS आसफर

विदेश मे लाखों की नौकरी छोड़ – बन गया IAS आसफर

कहते हैं अगर आपको सपने देखने की समझ है और आप में मेहनत और लग्न की ताकत है तो आप कुछ भी पा सकते हैं. आज हम आपको एक ऐसे ही व्यक्ति की सच्ची कहानी बता रहे हैं, जिसकी मेहनत ने उसे आईएएस का पद दिलवा दिया. यह शख्स कोई और नहीं बल्कि भीलवाड़ा, राजस्थान के अभिषेक सुराना है. अभिषेक अभी केवल 27 साल के ही हैं लेकिन उन्होंने इतनी कम उम्र में जो पाया है, वह देशभर के लिए एक मिसाल है.

अभिषेक के परिवार में कोई ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं है लकिन फिर भी उन्होंने यूपीएससी क्लियर करके मंजिल तक पहुँचने में चार साल का समय लगा. उन्होंने चौथी बार में जो परीक्षा दी, उसमें उन्होंने दसवां रैंक पा कर टॉप किया. हालाँकि इससे पहले भी उन चयन हुआ था लेकिन उन्हें वह सेवा नहीं दी गई थी, जिसके लिए वह सपना देखते आए थे.

उन्होंने हार नहीं मानी और आईपीएस सेवा चुन ली और ट्रेनिंग के दौरान ही अगले अटेम्प्ट को पूरा किया. इस प्रयास ने उन्हें उनकी मन-मर्जी की सेवा दिलवा दी. इन चार सालों ने अभिषेक को काफी कुछ नया सिखाया जिसके चलते वह अपनी मंजिल पर पहुँच पाए. बता दें कि अभिषेक की स्टडी भीलवाड़ा में ही हुई थी लेकिन उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने दिल्ली का रुख ले लिया. यहीं से उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिग्री प्राप्त की और फिर पढाई के बाद उन्हें अच्छी सैलरी वाली जॉब भी मिल गई. लेकिन अभिषेक इस नौकरी से खुश नहीं थे. इसलिए उन्होंने काम छोड़ कर विदेशी बिजनेस शुरू किया. इस काम की फंडिंग सरकार द्वारा हुई थी लेकिन इसमें भी उन्हें रूझान नहीं लगा.

बिजनेस छोड़ कर अभिषेक ने सिविल सेवा की परीक्षा पास करने की तैयारी शुरू कर दी. उनके परिवार वालों ने हमेशा उनकी मर्जी और ना मर्जी का पूरा ध्यान रखा और नौकरी छोड़ने पर भी उन्हें कुछ बुरा नहीं बोला. हालाँकि अभिषेक को अन्य क्षेत्रों में आसानी से सफलता मिल रही थी लेकिन यूपीएससी ने उनके जीवन के पूरे चार साल ले लिए. अभिषेक के अनुसार मेन्स की परीक्षा के लिए बहुत कठिन पढ़ाई की आवश्यकता होती है ऐसे में आपके पास ल्मितेद किताबें रखें और उनका बार बार अभ्यास करते रहें. यदि आप अच्छे से पैटर्न समझना चाहते हैं तो साथ-साथ नोट्स भी बना कर रखें ताकि आगे चल कर आप आसानी से रिवाइज कर पाएं.